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भारत को ‘गंदा’ कहे जाने पर भड़के बाइडेन, कहा- ट्रम्प ये भी नहीं जानते कि दोस्तों से कैसे बात की जाती है

वॉशिंगटनएक घंटा पहले

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पेनसिल्वेनिया में एक कार्यक्रम में जो बाइडेन और उनकी पत्नी जिल (बाएं) बाइडेन नजर आईं। दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रम्प ने 24 अक्टूबर को नॉर्थ कैरोलिना में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था।

  • डेमोक्रेटिक कैंडिडेट बाइडेन का ट्वीट- डोनाल्ड ट्रम्प को वैश्विक मुद्दों की बिल्कुल समझ नहीं है
  • प्रेसिडेंशियल डिबेट में ट्रम्प ने कहा था- भारत को देखो, यह कितना गंदा है, वहां की हवा गंदी है

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से आठ दिन पहले डेमोक्रेटिक कैंडिडेट जो बाइडेन ने रिपब्लिकन कैंडिडेट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्रम्प के भारत को गंदा बताए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को यह भी नहीं पता कि दोस्तों से कैसे बात की जाती है? बाइडेन बोले कि ट्रम्प की वैश्विक मुद्दों के प्रति समझ खराब है।

दरअसल, राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रेसिडेंशियल डिबेट में भारत को गंदा बताया था। उपराष्ट्रपति की डेमोक्रेटिक कैंडिडेट कमला हैरिस का जिक्र करते हुए बाइडेन ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को ‘गंदा’ कहा। वे यह नहीं जानते कि दोस्तों के बारे में कैसे बात करते हैं और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों को कैसे हल करते हैं। कमला हैरिस और मैंने अपने पार्टनरशिप को बहुत महत्व दिया है।’’

शुक्रवार को हुए डिबेट में दूसरी बार चुनाव लड़ रहे ट्रम्प ने भारत की हवा को गंदा बताते हुए पेरिस एग्रीमेंट से बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव किया था। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में 195 देशों के बीच क्लाइमेट समझौता किया गया था। समझौते में दुनिया भर के टेम्परेचर में वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से कम रखने का टारगेट फिक्स किया गया है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की

रायटर्स के मुताबिक, डिबेट में ट्रम्प ने कहा था- भारत को देखो। यह कितना गंदा है। वहां की हवा गंदी है। हालांकि, ट्रम्प की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कुछ लोगों ने कहा कि इस टिप्पणी ने भारत में फिर से वायु प्रदूषण की समस्या को उजागर किया है।

‘पेरिस समझौते के चलते नौकरियां खत्म नहीं कर सकते’

उन्होंने कहा था- पेरिस समझौते की वजह से वे देश में लाखों नौकरियों और हजारों कंपनियों को बंद नहीं कर सकते। यह सही नहीं होगा। वहीं, अगले महीने 2+2 मीटिंग के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भारत आने वाले हैं।




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